किच्छा पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति किया जागरूक, OTP और बैंक डिटेल साझा न करने की दी सलाह

किच्छा। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ऊधम सिंह नगर पुलिस की ओर से साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में किच्छा पुलिस ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोकुल नगर में साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया। अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

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पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। पढ़ाई, बैंकिंग, खरीदारी और आपसी संवाद के लिए इंटरनेट व सोशल मीडिया का उपयोग आम हो गया है। हालांकि, डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्कता बरतना और अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

OTP, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें

जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियमों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि अपना वन टाइम पासवर्ड (OTP), बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, एटीएम या कार्ड डिटेल और पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।

पुलिस ने समझाया कि साइबर ठग कई बार बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी प्रतिष्ठित संस्थान का प्रतिनिधि बनकर लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उसे निजी या वित्तीय जानकारी देना नुकसानदायक हो सकता है।

विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में आए OTP को साझा न करें और अपने ऑनलाइन खातों के पासवर्ड मजबूत रखें।

फ्री रिचार्ज, लॉटरी और KBC के नाम पर आने वाले संदेशों से रहें सावधान

पुलिस ने छात्र-छात्राओं को फर्जी संदेशों और लालच देकर ठगी करने वाले तरीकों के बारे में भी जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि मुफ्त रिचार्ज, लॉटरी जीतने, इनाम मिलने और KBC के नाम पर आने वाले संदिग्ध संदेश साइबर ठगी का माध्यम हो सकते हैं।

ऐसे संदेशों में अक्सर किसी लिंक पर क्लिक करने या अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरने के लिए कहा जाता है। कई मामलों में इन लिंक के जरिए लोगों की जानकारी चुराने या उनके बैंक खातों से रकम निकालने का प्रयास किया जाता है।

पुलिस ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि बिना जांच-पड़ताल के किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी आकर्षक ऑफर या इनाम के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी मांगने वाले संदेशों पर भरोसा करने से पहले उनकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें।

सोशल मीडिया पर निजी तस्वीरें साझा करने से बचें

अभियान के दौरान सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों को अनजान लोगों से सतर्क रहने और उनके साथ वीडियो कॉल करने या निजी तस्वीरें साझा करने से बचने की सलाह दी।

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी सोशल मीडिया के जरिए लोगों से दोस्ती कर उनकी निजी जानकारी और तस्वीरें हासिल कर सकते हैं। बाद में इनका दुरुपयोग कर उन्हें धमकाने, ब्लैकमेल करने या पैसे की मांग करने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है।

विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता सेटिंग्स का ध्यान रखें, अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अपने अभिभावकों या पुलिस को दें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क

किच्छा पुलिस ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की जानकारी भी दी। पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो उसे बिना देरी किए साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए।

इसके अलावा, साइबर अपराध की शिकायत भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से संबंधित लेनदेन पर आवश्यक कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।

पुलिस ने विद्यार्थियों को समझाया कि साइबर ठगी होने पर घबराने या घटना को छिपाने के बजाय तुरंत अपने अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें। शुरुआती स्तर पर की गई कार्रवाई नुकसान को सीमित करने में मददगार हो सकती है।

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना अभियान का उद्देश्य

एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना है। विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए बच्चों को साइबर अपराधों के संभावित खतरों और उनसे बचाव के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी जा रही है।

किच्छा पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहें और साइबर सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करें। साथ ही, अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों के प्रति जागरूक करें।

पुलिस का संदेश स्पष्ट है—सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें, संदिग्ध लिंक से बचें और किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।