किच्छा। गौला नदी में इन दिनों तेज बहाव और नदी किनारे हो रहे कटाव को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी क्रम में किच्छा मंडी स्थित गौला नदी क्षेत्र में पहुंचकर नदी के तेज बहाव तथा कटाव की स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नदी के जलस्तर, बहाव की तीव्रता और कटाव से उत्पन्न संभावित खतरे का जायजा लिया गया।

मौके पर स्थिति का निरीक्षण करने के बाद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। इस संबंध में एसडीएम किच्छा से फोन पर वार्ता कर नदी में तेज बहाव एवं कटाव को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। साथ ही संभावित संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन की निगरानी और आम लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रवासियों से भी भेंटवार्ता कर उन्हें नदी की मौजूदा स्थिति के प्रति जागरूक किया गया। स्थानीय लोगों से अपील की गई कि गौला नदी का बहाव तेज होने के कारण वे अनावश्यक रूप से नदी के किनारे या नदी की ओर न जाएं। विशेष रूप से अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे अपने बच्चों को नदी की तरफ जाने से रोकें और उन्हें तेज बहाव के संभावित खतरे के बारे में समझाएं।

लोगों से यह भी अपील की गई कि नदी के आसपास सेल्फी लेने, घूमने या किसी अन्य कारण से जाने का जोखिम न उठाएं। तेज बहाव के दौरान नदी का जलस्तर और प्रवाह अचानक बढ़ सकता है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सावधानी बरतना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
क्षेत्रवासियों से कहा गया कि वे किसी भी आपात स्थिति अथवा नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित प्रशासन को सूचित करें तथा स्वयं भी सुरक्षित स्थान पर रहें। खासकर नदी के किनारे रहने वाले लोगों को मौसम और प्रशासन की ओर से जारी होने वाली सूचनाओं पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई।
गौला नदी में हो रहे कटाव को देखते हुए संबंधित विभागों द्वारा समय रहते आवश्यक कदम उठाया जाना भी महत्वपूर्ण है, ताकि नदी के आसपास रहने वाले लोगों तथा क्षेत्र की संपत्ति को किसी संभावित नुकसान से बचाया जा सके। प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं और लोगों को नदी के खतरनाक हिस्सों से दूर रखने के लिए उचित व्यवस्था की जाए।
इस दौरान आमजन से एक बार फिर अपील की गई कि सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बेहतर उपाय है। नदी का बहाव तेज होने की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और बच्चों व अन्य लोगों को भी नदी की ओर जाने से रोकें।





