
15 दिन से मंडी के चक्कर काट रहे किसान
किसानों के मुताबिक, वे पिछले 15 दिनों से अपनी उपज बेचने के लिए रोजाना मंडी पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद धान की खरीद शुरू नहीं होने से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में धान भरकर मंडी ला रहे हैं, लेकिन खरीद और तौल की व्यवस्था शुरू नहीं होने के कारण उपज मंडी परिसर में ही पड़ी हुई है।
किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से धान खरीद के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सरकारी खरीद केंद्रों पर तौल शुरू नहीं हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बेमौसम बारिश से धान खराब होने का डर
मंडी में खुले में रखे धान को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि लगातार इंतजार के बीच बेमौसम बारिश की आशंका ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि बारिश होती है, तो खुले में पड़ा धान भीगकर खराब हो सकता है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ आर्थिक नुकसान की आशंका भी है।
किसानों ने मांग की कि सरकारी खरीद केंद्रों पर तत्काल धान की खरीद और तौल शुरू कराई जाए, ताकि उनकी उपज को सुरक्षित रखा जा सके और उन्हें अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके।
विधायक तिलकराज बेहड़ और पालिकाध्यक्ष ने दिया समर्थन
किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और नगर पालिका अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह भी धरनास्थल पर पहुंचे। दोनों ने किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और आंदोलन को समर्थन दिया।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने धान खरीद में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग दोहराई। किसानों का कहना है कि जब तक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा।
सूचना पर पहुंचा मंडी प्रशासन और पुलिस
मंडी परिसर में जाम और हंगामे की सूचना मिलने के बाद मंडी प्रशासन तथा पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाने और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। मंडी सचिव और प्रशासनिक अधिकारी किसानों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश में जुटे रहे।
हालांकि, किसानों की मुख्य मांग धान की खरीद तत्काल शुरू कराने की है। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सरकारी केंद्रों पर तौल शुरू होने के बाद ही उन्हें राहत मिलेगी।
मांग पूरी नहीं हुई तो हाईवे जाम करने की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही धान की खरीद शुरू नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों ने जरूरत पड़ने पर हाईवे जाम करने की भी चेतावनी दी है।
फिलहाल, किच्छा अनाज मंडी में धान खरीद का मुद्दा किसानों के विरोध का केंद्र बना हुआ है। किसानों की मांग है कि संबंधित अधिकारी तत्काल हस्तक्षेप कर खरीद और तौल की व्यवस्था शुरू कराएं, जिससे मंडी में जमा धान का समय पर निस्तारण हो सके और बारिश के कारण संभावित नुकसान से बचा जा सके। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और धान खरीद शुरू होने पर टिकी हैं।





