किच्छा: किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने श्री अविनेन्द्र प्रताप सिंह (बबलू प्रधान) के पूज्य पिताजी श्री विजय प्रताप सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। विधायक तिलक राज बेहड़ आज शोकाकुल परिवार के आवास पर पहुंचे और परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

विधायक तिलक राज बेहड़ ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि किसी प्रियजन का निधन परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति होती है। ऐसे दुख की घड़ी में शब्दों के माध्यम से पीड़ा को कम करना संभव नहीं होता, लेकिन समाज और शुभचिंतकों की संवेदनाएं परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करती हैं।
उन्होंने कहा कि श्री विजय प्रताप सिंह के निधन से परिवार को जो अपूरणीय क्षति हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। इस दुखद घटना से परिवार के साथ-साथ उनके परिचितों और शुभचिंतकों में भी शोक की भावना है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्हें धैर्य एवं साहस बनाए रखने की कामना की।
विधायक ने कहा कि जीवन और मृत्यु प्रकृति का शाश्वत सत्य है, लेकिन किसी अपने के बिछड़ने का दर्द बेहद कठिन होता है। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में वे और उनके साथ जुड़े लोग शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं।
तिलक राज बेहड़ ने दिवंगत श्री विजय प्रताप सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने परमात्मा से प्रार्थना की कि शोक-संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख की घड़ी में धैर्य, साहस और मानसिक संबल प्राप्त हो।

उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा होना प्रत्येक व्यक्ति का सामाजिक दायित्व है। दुख की इस घड़ी में परिजनों को अकेला महसूस न हो, इसके लिए समाज और शुभचिंतकों को उनके साथ संवेदनशीलता और सहयोग के साथ खड़ा रहना चाहिए।
विधायक तिलक राज बेहड़ ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि परमपिता परमेश्वर शोकाकुल परिवार को इस गहरे दुख से उबरने की शक्ति प्रदान करें।
इस अवसर पर उन्होंने दिवंगत श्री विजय प्रताप सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।





