किच्छा और सिरौली में चुनावी सरगर्मी तेज, संभावित दावेदारों के नाम सामने आए

किच्छा। नगर निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही किच्छा और सिरौली क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे संभावित दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वहीं, प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर भी अंदरखाने मंथन का दौर शुरू हो गया है। किच्छा में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस से कई नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

नगर निकाय चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों के संभावित दावेदार अपने-अपने स्तर पर जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। समर्थकों के साथ बैठकें, क्षेत्र में लोगों से मुलाकात और राजनीतिक गतिविधियों के जरिए दावेदार अपनी मजबूत दावेदारी पेश करने में जुटे हैं। टिकट किसके पक्ष में जाएगा, इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की निगाहें अब शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं।

भाजपा से किच्छा में कई नाम चर्चा में

किच्छा में भारतीय जनता पार्टी की ओर से अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर संज़ीव खन्ना, संदीप अरोड़ा, विवेक राय और लवली शाहबर के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। इन नामों को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी चर्चाओं का दौर जारी है।

भाजपा के संभावित दावेदारों ने चुनावी माहौल को देखते हुए अपनी सक्रियता बढ़ाई है। पार्टी के भीतर टिकट को लेकर संभावित नामों पर चर्चा के बीच प्रत्येक दावेदार अपने-अपने राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों के आधार पर मजबूत दावेदारी पेश करने की कोशिश में है।

हालांकि भाजपा की ओर से अंतिम प्रत्याशी के नाम की आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है। ऐसे में टिकट की दौड़ में शामिल संभावित नामों में अंतिम समय तक बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस में भी दावेदारों की लंबी सूची

वहीं, किच्छा में कांग्रेस की ओर से भी अध्यक्ष पद के लिए कई संभावित दावेदारों के नाम सामने आए हैं। इनमें दर्शन कोली, राजेश प्रताप, पप्पू दुआ, बंटी पुपनेजा, जक्कू भाई, सुनीता कश्यप, किन्नू शुक्ला, राजकुमार बजाज, गुलशन सिंधी और जीवन जोशी के नाम चर्चा में हैं।

कांग्रेस के संभावित दावेदार भी चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। क्षेत्र में जनसंपर्क बढ़ाने के साथ ही समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों का दौर चल रहा है। टिकट को लेकर कांग्रेस के भीतर भी संभावित नामों पर मंथन की स्थिति बनी हुई है।

दावेदारों की संख्या अधिक होने के कारण पार्टी नेतृत्व के सामने भी प्रत्याशी चयन को लेकर चुनौती मानी जा रही है। ऐसे में पार्टी किस चेहरे पर भरोसा जताती है, यह चुनावी रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सिरौली में भी चुनावी सरगर्मी बढ़ी

किच्छा के साथ-साथ सिरौली क्षेत्र में भी निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सिरौली से एन.यू. खान, अफसर कुरैशी, फरियाद शाह और तस्लीम रज़ा के नाम दावेदारों के रूप में चर्चा में बताए जा रहे हैं।

सिरौली में भी संभावित दावेदार अपने-अपने स्तर पर लोगों से संपर्क साध रहे हैं और चुनावी तैयारियों को धार देने में जुटे हैं। स्थानीय स्तर पर दावेदारों की सक्रियता बढ़ने के साथ ही चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

टिकट को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल

निकाय चुनाव की घोषणा के बाद अब सबसे बड़ा सवाल राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशी चयन का है। किच्छा और सिरौली में संभावित दावेदारों के नाम सामने आने के बाद समर्थक अपने-अपने पसंदीदा नेताओं के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।

दावेदारों की सक्रियता के बीच पार्टी नेतृत्व की ओर से होने वाली आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। टिकट मिलने के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ होगी और इसके बाद विभिन्न दलों के प्रत्याशियों के बीच सीधा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलेगा।

स्थानीय राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि भाजपा और कांग्रेस किस चेहरे को मैदान में उतारती हैं। प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

आधिकारिक घोषणा के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल सामने आए सभी नामों को संभावित दावेदारों के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस की ओर से अंतिम प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

आने वाले दिनों में टिकट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। किच्छा और सिरौली में चुनावी मैदान सजने के साथ ही अब स्थानीय मतदाताओं की नजर भी इस बात पर है कि प्रमुख राजनीतिक दल किस चेहरे पर अपना भरोसा जताते हैं।

किच्छा-सिरौली में चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं और टिकट की घोषणा के साथ ही राजनीतिक तस्वीर का अगला अध्याय सामने आएगा।