रुद्रपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना के विरोध में तथा इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रुद्रपुर कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने किया।

प्रदर्शन में कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित घटनाओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपने विरोध और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कराने की रही। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना की निंदा करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए उसे तत्काल निरस्त करने की मांग की।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध दर्ज कराने का अधिकार प्रत्येक नागरिक एवं राजनीतिक संगठन को प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों को उठाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाते रहेंगे।
कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। कांग्रेस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पंतनगर पुलिस थाने ले जाया गया, जहां बाद में उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने कहा कि हिरासत और पुलिस कार्रवाई से उनका आंदोलन कमजोर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना उनका अधिकार है और वे किसी भी प्रकार के दबाव के सामने पीछे नहीं हटेंगे।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संविधान की रक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और जनता से जुड़े मुद्दों को सामने रखना पार्टी की राजनीतिक जिम्मेदारी है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते हुए अपनी मांगों को जनता और प्रशासन के सामने रखते रहेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्ष की आवाज को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध को दुर्भावना के आधार पर कार्रवाई में बदलना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन अथवा अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया का उल्लेख प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी में नहीं किया गया।
कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और संबंधित मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं और अपनी लड़ाई लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जारी रखेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की आवाज को पुलिस कार्रवाई या हिरासत के माध्यम से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों पर संघर्ष और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही। नेताओं ने कहा कि वे लोकतंत्र, संविधान और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार जनता के बीच अपनी बात रखते रहेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने संदेश में कहा कि वे न तो सत्ता के दबाव के सामने झुकेंगे और न ही अन्याय के सामने रुकेंगे। उन्होंने लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए अपने संघर्ष को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान “सत्यमेव जयते” के संदेश के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को दोहराया और संबंधित मामलों में कार्रवाई की मांग की।





